दिल्ली आबकारी नीति : BJP सांसद प्रवेश वर्मा ने 500 करोड़ रुपये से अधिक के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया

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दिल्ली आबकारी नीति : BJP सांसद प्रवेश वर्मा ने 500 करोड़ रुपये से अधिक के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया

नई दिल्ली: भाजपा के सांसद प्रवेश वर्मा ने गुरुवार को आरोप लगाया कि दिल्ली में आबकारी नीति 2021-22 के दौरान थोक लाइसेंस धारकों के साथ सैकड़ों करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ। दिल्ली की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने 30 जुलाई को आबकारी नीति 2021-22 को वापस ले लिया था। दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना द्वारा इसके कार्यान्वयन में कथित अनियमितता की सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद दिल्ली सरकार ने यह कदम उठाया था। वर्मा ने आरोप लगाया कि दक्षिण दिल्ली में पब चलाने वाला एक व्यक्ति थोक (एल -1) लाइसेंस धारकों से दलाली की 6 प्रतिशत राशि एकत्र करता था जो उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया का करीबी है। वर्मा के आरोपों पर सिसोदिया या सत्तारूढ़ ‘आप’ की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

पश्चिमी दिल्ली से भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि पब मालिक ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और सिसोदिया के साथ सोशल मीडिया पर साझा की गई अपनी तस्वीरों को हटा दिया और उपराज्यपाल द्वारा सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद देश छोड़ दिया। वर्मा ने कहा, ‘पब मालिक दिनेश अरोड़ा को सिसोदिया का दाहिना हाथ बताया जाता है जो अक्सर रात में उसके पब में जाते थे। मैं सिसोदिया से पूछना चाहता हूं कि वह रात में पब क्यों गये और उसके (दिनेश) साथ वाली उनकी तस्वीरें को सीबीआई जांच की सिफारिश के बाद क्यों हटा दिया गया।’ भाजपा सांसद ने दावा किया कि नई आबकारी नीति 2021-22 के तहत एल-1 लाइसेंस धारकों का कमीशन 2.5 फीसदी से बढ़ाकर 12 फीसदी कर दिया गया था।

वर्मा ने आरोप लगाया, ‘पब मालिक एल-1 लाइसेंस धारकों से दलाली की छह प्रतिशत राशि एकत्र करता था। इस तरह, लगभग 540 करोड़ रुपये एकत्र किए गए। साथ ही, तीन थोक लाइसेंसधारियों से 200 करोड़ रुपये एकत्र किए गए थे, जिनके पास बाजार की 60-70 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।’ पूर्व विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने आरोप लगाया, ‘लाइसेंसधारियों से एकत्र किए गए पैसे का इस्तेमाल इस साल की शुरुआत में हुए पंजाब विधानसभा चुनाव के दौरान आम आदमी पार्टी के प्रचार के लिए किया गया था।’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘यह पैसा गुजरात और हिमाचल प्रदेश में भी प्रचार के लिए खर्च किया जा रहा है, जहां इस साल के अंत में चुनाव होने हैं।’आबकारी विभाग का प्रभार संभालने वाले सिसोदिया ने हाल में नयी आबकारी नीति का बचाव करते हुए कहा था कि भाजपा नेता भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं क्योंकि पुरानी नीति के तहत शराब माफिया द्वारा चुराए गए 3,500 करोड़ रुपये में से काफी रकम उनकी जेबों में गई थी।

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