दर्शकों को क्यों झकझोर रही The Kashmir Files, वो 10 किरदार जिनकी दिखाई गई है सच्ची कहानी

167


दर्शकों को क्यों झकझोर रही The Kashmir Files, वो 10 किरदार जिनकी दिखाई गई है सच्ची कहानी

यूं तो कश्मीर से जुड़े मुद्दे पर पहले भी कई फिल्में बनीं, लेकिन ‘द कश्मीर फाइल्स’ (The Kashmir Files) ने जो बवंडर लाया है वो इससे पहले कभी नजर नहीं आया। बाकी फिल्मों की कहानी एक किरदार के इर्द-गिर्द बुनी गई फिक्शनल कहानी थी, जबकि ‘द कश्मीर फाइल्स’ कश्मीर से जुड़ी सच्ची घटना पर बेस्ड है। ‘द कश्मीर फाइल्स’ कश्मीर से कश्मीरी हिंदुओं के पलायन (Kashmiri Pandit Genoside) की कहानी है, जो जनवरी 1990 में हुआ था। यहां हम बता रहे हैं कुछ ऐसी ही रियल घटनाओं के बारे में जिन्हें इस फिल्म में पर्दे पर फिल्माया गया।

प्रफेसर पल्लवी जोशी यानी राधिका, इन दो किरदारों से प्रेरित
इस फिल्म के कई किरदार रियल किरदार से प्रेरित हैं। फिल्म में एएनयू नामक कॉलेज की प्रफेसर पल्लवी जोशी यानी राधिका का किरदार जेएनयू की प्रफेसर निवेदिता मेनन से मिलता-जुलता है जिन्होंने 2016 में स्पीच दिया था। उन्होंने कहा था- हम सब जानते हैं कि दुनिया भर में ये माना जाता है कि इंडिया ने इलीगली कश्मीर पर कब्जा किया है। फिल्म में राधिका ने कुछ ऐसी ही पंक्तियां बोली हैं। हालांकि, राधिका के इस किरदार में केवल निवेदिता मेनन ही नहीं बल्कि एक और रियल किरदार का आंशिक रूप है। अरुंधती रॉय ने अपनी एक स्पीच में कहा था कि कश्मीर भारत का कभी भी अभिन्न हिस्सा नहीं रहा है। राधिका ने फिल्म में सेम यही लाइन बोली है और कहा है- कश्मीर कभी भी भारत का अभिन्न हिस्सा नहीं रहा है और यह इतिहास का एक फैक्ट है।

शारदा पंडित इन दो महिलाओं की रियल स्टोरी
फिल्म में शारदा पंडित का किरदार भी असल किरदार से मिलता है। इनकी कहानी एक नहीं बल्कि दो रियल लाइफ कैरक्टर की कहानी है जिसमें से एक बालकृष्‍ण (बीके) गंजू की वाइफ और दूसरी गिरिजा टिकू की कहानी है। बालकृष्‍ण (बीके) गंजू जो टेलिकॉम इंजीनियर थे और आतंकियों के डर से वह चावल के ड्रम में छिप गए थे। बाद में उन्हें उसी ड्रम में गोलियों से आंतिकियों ने भुन दिया था और फिर उनके खून से सने चावल उनकी वाइफ को खाने को दिया था। वहीं फिल्म में शारदा को आरी से दो हिस्से में काट डाला गया है और असलियत में गिरिजा टिक्कू के साथ यही हुआ था। गिरिजा का गैंगरेप करने के बाद उन्हें आरी से काट डाला गया था।

कृष्णा पंडित की कहानी का रियल किरदार
‘द कश्मीर फाइल्स’ के हीरो दर्शन कुमार कृष्णा पंडित की भूमिका में हैं जो एएनयू नाम के कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि कृ्ष्णा के इस किरदार की तुलना जेएनयू के कन्हैया कुमार से की गई है। जहां कृष्णा और कन्हैया के नाम भी लगभग एक से हैं वहीं कृष्णा एएनयू में प्रेसिडेंट इलेक्शन के लिए खड़ा है और कन्हैया जेएनयू स्टूडेंट यूनियन के प्रेसिडेंट थे।

जर्नलिस्ट की भूमिका वाली रियल घटना
फिल्म में जर्नलिस्ट की भूमिका निभा रहे अतुल श्रीवास्तव के किरदार की तुलना बरखा दत्त से की गई है, जिनपर कश्मीरी पंडितों के खिलाफ पक्षपाती रिपोर्टिंग का आरोप लगा था।

बिट्टा कराटे का रियल कनेक्शन
इसके अलावा फिल्म में फारूक मलिक डार (Farooq Ahmed Dar) उर्फ बिट्टा कराटे का कनेक्शन राधिका मेनन के साथ दिखाया गया है। फिल्म में एक तस्वीर दिखाई गई है, जिसमें बिट्टा राधिका का हाथ थामे नजर आ रहा हैं। कुछ ऐसी ही तस्वीर असलियत में भी सामने आई थी, जिसमें अरुंधति रॉय एक आतंकवादी यासिन मलिक का हाथ थामे नजर आई थीं।

नेताओं की भी झलक

फिल्म में चर्चा हो रही है कि सीएम गॉल्फ खेलने और बॉलिवुड ऐक्ट्रेसेस को बाइक पर बिठाकर घूमने में व्यस्त है। यह निशाना जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की तरफ है।

बिट्टा का रियल इंटरव्यू, सतीश कुमार टिक्कू की हत्या
फिल्म में बिट्टा का इंटरव्यू दिखाया गया है जिसमें वह सहज होकर हत्याएं करने की बात कबूलता दिखा है। वह बेझिझक बताता है कि उसने 20 लोगों को मौत के घाट उतार दिए, जिसमें से ज्यादातर कश्मीरी पंडित थे। उससे पूछा जाता है कि क्या वो अपने भाई-बहनों को भी मार देता तो वो कहता है हां मार देता। जब उससे पूछा गया कि अपनी मां को भी मार देता तो सहज भाव से कहता है कि मार देता। यह इंटरव्यू रियल बिट्टा के असली वीडियो इंटरव्यू जैसा ही है, जिसने कहा था कि उसे अपने दोस्त सतीश कुमार टिक्कू की हत्या का कोई पछतावा नहीं जिसके बारे में माना जा रहा था कि वह आरएसएस का हिस्सा था।

नंदीमार्ग नरसंहार की घटना
फिल्म का आखिरी सीन, जो साल 2003 की हुए नंदीमार्ग नरसंहार की घटना की दर्दनाक झलक है, जिसमें 24 कश्मीरी हिंदुओं को एकसाथ मौत के घाट उतार दिया जाता है, जिसमें मर्द और औरतों के अलावा दो बच्चे भी शामिल थे।

ये वजहें हैं, जिसके साथ लोग फिल्म की कहानी से कनेक्ट हो रहे हैं। जिन्होंने कश्मीर में वो दर्द झेला है वो भी और जिन्होंने शायद कभी ये कहानी सुनी भी न हो वो भी। फिल्म सीधे दर्शकों के दिलों और दिमाग को चोट कर रही है और दर्शकों की भारी भीड़ रोज हर शो पर उमड़ती नजर आ रही है।



Source link