तमिलनाडु के कपड़ा कारोबारी को एसटीएफ ने चंद घंटो में कराया मुक्त, दिल्ली एयरपोर्ट से हुई थी किडनैपिंग

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तमिलनाडु के कपड़ा कारोबारी को एसटीएफ ने चंद घंटो में कराया मुक्त, दिल्ली एयरपोर्ट से हुई थी किडनैपिंग

गुरुग्राम: मदुरै के एक कपड़ा व्यवसायी को अपहरणकर्ताओं से छुड़ाने में हरियाणा एसटीएफ (Haryana Stf) ने सफलता हासिल की है। कपड़ा व्यवसायी और उसके साथी को बचाने के लिए तीन राज्यों की पुलिस ने हाथ मिलाया। दरअसल बीती 7 जुलाई को दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरने के तुरंत बाद ही कपड़ा व्यवसायी का अपहरण कर लिया गया था। पुलिस ने अपहरणकर्ताओं में से पांच को शुक्रवार रात दिल्ली के श्याम नगर स्थित एक घर से गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक अपहरणकर्ताओं व्यवसायी और उसके सहायक को दो दिनों तक बंधक बनाकर रखा था।

अपहरणकर्ता ने खुद को बताया व्यापारीकेएस विलवपति कपड़ा कारोबारी हैं। उनके सहायक विनोद कुमार दिल्ली आए, तभी एक आरोपी ने खुद को एक व्यापारी बताया और बांग्लादेश में एक कपड़ा कारखाने के साथ सौदा करने में उनकी मदद करने का वादा किया। गुरुवार को दिल्ली पहुंचने के तुरंत बाद अपहरणकर्ताओं में से एक जिरावनी बाबू ने आईजीआई हवाई अड्डे पर विलवपति और विनोद कुमार को रिसीव किया और वे उस कार में सवार हो गए, जिसे वह साथ लाया था। पुलिस ने कहा, वे पहले गुरुग्राम में एक जगह गए और फिर दिल्ली में ठिकाने की ओर चल पड़े।

50 लाख रुपये की मांगी थी फिरौतीहरियाणा में महानिरीक्षक (एसटीएफ) सतीश बालन ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपियों में से एक पिछले 20 दिनों से व्यवसायी के संपर्क में था। उसने किसी तरह कपड़ा कारोबारी और उनके साथी को दिल्ली आने के लिए मना लिया। अपहरणकर्ता ने कपड़ा कारोबारी और उनके साथी से कहा कि वह उन्हें बांग्लादेश के एक अन्य व्यवसायी से ऑर्डर लेने में मदद करेगा। अपहरणकर्ताओं ने कथित तौर पर विल्वपति को जान से मारने की धमकी दी और उसे 50 लाख रुपये की फिरौती के लिए मदुरै में उसके परिवार के सदस्यों को फोन किया। इसके बजाय विलवपति का परिवार पुलिस के पास गया।

हरियाणा एसटीएफ को शुक्रवार को मदुरै समकक्ष और बैचमेट से एसओएस कॉल मिलने के बाद फिरौती के बारे में सूचना मिली। जिसके बाद एसटीएफ हरकत में आई और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पता चला कि हालांकि विलवपति गुरुग्राम आया था, लेकिन फोन बंद होने से पहले उसे दिल्ली ले जाया गया। हरियाणा एसटीएफ ने दिल्ली में पुलिस से संपर्क किया और तलाशी शुरू की। शुक्रवार की रात करीब 10 बजे विल्वपति और कुमार को श्याम नगर में घर से छुड़ाया गया और उनके पांच अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया।

बालन ने बताया कि कपड़ा व्यवसायी कुछ समय से घाटे में चल रहा था। इसलिए, वह तुरंत प्रस्ताव पर सहमत हो गया और दिल्ली आ गया। गुरुवार की रात ही विल्वपति ने मदुरै में अपने परिवार को फोन किया और पैसे का इंतजाम करने को कहा। कपड़ा व्यवसायी के परिवार ने स्थानीय पुलिस में अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिल्ली के रहने वाले जिरावनी बाबू, आसिफ हुसैन, मोहम्मद आजाद, मोहम्मद करीम और मोहम्मद सोनू के रूप में हुई है।

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