डॉ. रघु शर्मा के इस्तीफे के पीछे सियासी चाल…! यूं समझें इस ‘बदले’ की राजनीति को

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डॉ. रघु शर्मा के इस्तीफे के पीछे सियासी चाल…! यूं समझें इस ‘बदले’ की राजनीति को

जयपुर: गुजरात विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की करारी हार के बाद कांग्रेस प्रभारी डॉ. रघु शर्मा ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को अपना इस्तीफा भेजा था। हालांकि इस्तीफा फिलहाल स्वीकार नहीं हुआ है। अधिकतर लोग इस इस्तीफे को सामान्य सी घटना बता रहे हैं लेकिन सियासी हल्कों में चर्चाएं है कि इस इस्तीफे में बदले की राजनीति छिपी हुई है। बदला भी अपनी ही पार्टी के एक नेता से जो पूर्व में उन्हीं की भांति कैबिनेट मंत्री थे। जिनकी वजह से मंत्री पद चला गया। अब उनसे बदला लेने के लिए प्रभारी पद का दांव खेला गया है।

रघु शर्मा को मंत्री पद से इस्तीफा क्यों देना पड़ा ?

करीब एक साल पहले पूर्व केबिनेट मंत्री हरीश चौधरी को पंजाब कांग्रेस का प्रभारी बनाया गया था। प्रदेश प्रभारी का पद मिलने पर हरीश चौधरी ने कांग्रेस की बैठक में साफ कह दिया था कि वे एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत का पालन करते हुए मंत्री पद का त्याग कर रहे हैं। सार्वजनिक कार्यक्रम में भी उन्होंने मंत्री पद छोड़ने की इच्छा जताई थी। हरीश चौधरी की ओर से मंत्री पद छोड़े जाने की बात कहने पर डॉ. रघु शर्मा और गोविन्द सिंह डोटासरा पर भी मंत्री पद छोड़ने का दबाव पड़ा था क्योंकि रघु शर्मा गुजरात कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी थे जबकि डोटासरा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बन चुके थे। कुछ दिनों बाद हुए मंत्रीमंडल फेरबदल में चौधरी, शर्मा और डोटासरा को मंत्री मंडल से बाहर कर दिया था।

मंत्री पद छोड़ने के इच्छुक नहीं थे डॉ. रघु शर्मा

कांग्रेसी सूत्रों का कहना है कि रघु शर्मा चिकित्सा मंत्री थे। बिजली, पानी और शिक्षा के बाद यह बड़ा मंत्रालय माना जाता है। बताया जा रहा है कि रघु शर्मा गुजरात प्रभारी होने के बावजूद मंत्री पद छोड़ना नहीं चाहते थे लेकिन उनके समकक्ष मंत्री की ओर से मंत्री पद छोड़ने की पेशकश के बाद उन्हें भी मंत्री पद गंवाना पड़ा। रघु शर्मा ने कभी सार्वजनिक रूप से अपनी पीड़ा जाहिर नहीं की लेकिन 8 दिसंबर को गुजरात चुनाव में कांग्रेस की हार हुई तो मतगणना के तुरंत बाद हार की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए रघु शर्मा ने इस्तीफा भेज दिया।

चूंकि पिछले दिनों पंजाब में हुए चुनावों में भी कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा था लेकिन प्रभारी हरीश चौधरी ने इस्तीफा नहीं दिया। चौधरी अभी तक पंजाब कांग्रेस प्रभारी हैं। अब प्रभारी पद से मुक्त होने के लिए रघु शर्मा ने इस्तीफे का दांव खेला है ताकि उनके साथ चौधरी का पद भी चला जाए। (रिपोर्ट – रामस्वरूप लामरोड़, जयपुर)

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