जैविक उत्पादों के परीक्षण के लिए सभी जिलों में प्रयोगशालाएं बनेंगी, अमूल होगी नोडल एजेंसी

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जैविक उत्पादों के परीक्षण के लिए सभी जिलों में प्रयोगशालाएं बनेंगी, अमूल होगी नोडल एजेंसी

नयी दिल्ली, चार जुलाई (भाषा) सरकार ने जैविक उत्पादों के परीक्षण और प्रमाणन के लिए प्रयोगशालाएं स्थापित करने तथा किसानों की आय बढ़ाने के लिए इन उत्पादों के वैश्विक विपणन में उनकी मदद करने के लिए प्रमुख डेयरी संस्था अमूल को नोडल एजेंसी नियुक्त करने का फैसला किया है। सहकारिता मंत्री अमित शाह ने सोमवार को यह घोषणा की।

सरकार सहकारी समितियों के उत्पादों की ब्रांडिंग और विदेशी निर्यात खेपों के लिए दो प्रतिबद्ध ‘निर्यात गृह’ भी स्थापित करेगी।

सहकारिता के 100वें अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के उपलक्ष्य में एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि अमूल को जैविक उत्पादों की विश्वसनीयता के परीक्षण और प्रमाणन का काम दिया गया है।

शाह ने कहा, ‘‘अमूल इन सभी जैविक उत्पादों को भारत के साथ-साथ वैश्विक बाजारों में बेचने के लिए अपने ब्रांड के साथ काम करेगी ताकि जैविक खेती में लगे किसानों को अपने उत्पादों की कम से कम 30 प्रतिशत अधिक कीमत मिल सके।’’

उन्होंने कहा कि मिट्टी और जैविक उत्पादों के परीक्षण के लिए देश के प्रत्येक जिले में प्रयोगशालाएं स्थापित करने के लिए अमूल (अन्य सहकारी समितियां भी शामिल होंगी) के तहत एक सहकारी समिति का गठन किया जाएगा। अमूल नोडल एजेंसी होगी।

मंत्री ने कहा कि सरकार ने फैसला किया है कि देशभर में सहकारी संस्थाओं के उत्पादों की गुणवत्ता का ख्याल रखने के लिए दो बड़े सहकारी निर्यात घरानों को पंजीकृत किया जाएगा, उनके उत्पादन चैनल को वैश्विक बाजार के समतुल्य बनाया जाएगा और इन उत्पादों के निर्यात का माध्यम बनाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि सरकार ने फसल उत्पादकता को बेहतर करने के लिए बीज खंड में सुधार करने को इफको और कृभको जैसी दो बड़ी सहकारी समितियों को साथ लिया है।

शाह ने बताया कि सरकार ने सहकारी समितियों को सरकारी खरीद पोर्टल जीईएम के माध्यम से खरीदारी करने की अनुमति दी है।

सहकारिता मंत्रालय प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (पैक्स) का एक डेटाबेस भी बना रहा है।

शाह ने बताया कि सरकार ने प्रशिक्षण के लिए एक राष्ट्रीय सहकारी विश्वविद्यालय स्थापित करने का निर्णय लिया है, जो सहकारी क्षेत्र में व्यक्तियों के प्रशिक्षण की व्यवस्था करने के लिए राष्ट्रीय सहकारी संघ के साथ गठजोड़ करेगा।

इस अवसर पर बोलते हुए केंद्रीय मत्स्य पालन और पशुपालन मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने कहा कि सहकारी समितियों को बचत करने की प्रवृत्ति विकसित करनी होगी।

उन्होंने कहा कि यदि सभी सहकारी समितियां बचत की आदत विकसित कर लें तो उन्हें कभी भी धन सृजन की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।

रूपाला ने सुझाव दिया कि सहकारी समितियों की रैंकिंग उनकी बचत क्षमता और बचत की राशि के अनुसार की जा सकती है।

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