चार साल से खाली मंडी और सोसायटी की कुर्सी | mandi or primary cooperative societies election mp jabalpur | Patrika News

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चार साल से खाली मंडी और सोसायटी की कुर्सी | mandi or primary cooperative societies election mp jabalpur | Patrika News

लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत संस्थाओं में चुनाव होना आवश्यक होता है। इसमें कई संस्थाएं पीछे हैं। इनमें कृषि उपज मंडी भी प्रमुख है। जबलपुर में विजय नगर कृषि उपज मंडी, पाटन कृषि मंडी, सिहोरा और शहपुरा कृषि उपज मंडी हैं। इन मंडियों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष सहित अन्य पदों के लिए वर्ष 2013 में चुनाव हुए थे। पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के चार साल बाद भी नई बॉडी का निर्वाचन नहीं हुआ है।

प्रभावित हो रहे कामकाज

जानकारी के अनुसार मंडियों के निर्वाचित सदस्यों का कार्यकाल 6-6 माह के लिए तीन बार बढ़ाया गया। वर्ष 2019 में अध्यक्ष की जगह प्रशासक की नियुक्ति की गई, तब से अभी तक अलग-अलग प्रशासक मंडी की कमान संभाल रहे हैं। लम्बा वक्त होने के कारण प्रशासक भी इन संस्थाओं को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं। इससे कामकाज प्रभावित हो रहा है। 12 सदस्यीय कार्यकारिणी मंडी चुनाव भी अन्य निकाय चुनावों की तरह होते हैं। इनकी अपनी मतदाता सूची होती है। परिसीमन भी होता है। एक मंडी में 10 वार्ड होते हैं। इन्हीं वार्डों से किसान प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ते हैं। दो प्रत्याशियों का चुनाव हम्माल और व्यापारी करते हैं। कार्यकारिणी से ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का निर्वाचन होता है।

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मतदाता सूची भेजी, नहीं आया जवाब

सहकारिता विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अंतर्गत जिले की 67 प्राथमिक सहकारी समितियों में भी आखिरी बार वर्ष 2013 में चुनाव हुए थे। समितियों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद यहां भी प्रशासक पदस्थ कर दिए गए। इन समितियों का संचालन 11 सदस्यीय संचालक मंडल करता है। इन्हीं सदस्यों में से अध्यक्ष और दो उपाध्यक्ष चुने जाते हैं। पिछले साल समितियों की मतदाता सूची भोपाल से मांगी गई थी। जिला स्तरीय कमेटी से अनुमोदित होकर सूची प्रबंध संचालक अपेक्स बैंक को भेजी गई, लेकिन चुनाव सम्बंधी कार्यक्रम की घोषणा का इंतजार आज भी समितियों को है। इनका निर्वाचन नहीं होने से जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष व संचालक मंडल का चुनाव भी रुका हुआ है।

. समितियों के प्रमुख काम

– किसानों को कृषि कार्य के लिए ऋण प्रदान करना

– सार्वजनिक वितरण प्रणाली का खाद्यान्न वितरण।

– खाद-बीज की दुकानों का संचालन

– समर्थन मूल्य पर उपज का उपार्जन करना।

कृषि उपज मंडी में समय पर चुनाव होना आवश्यक है। निर्वाचित कार्यकारिणी कई तरह के निर्णय लेने में सक्षम होती है। इसके अभाव में मंडी की कई कमियां दूर नहीं हो पा रही हैं।

प्रदीप यादव, पूर्व उपाध्यक्ष, कृषि उपज मंडी, जबलपुर



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