गुरुग्राम की नहर से फरीदाबाद पानी लाने का प्लान ठंडे बस्ते में, फिलहाल पश्चिमी एरिया को नहीं मिलेगा भरपूर वॉटर

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गुरुग्राम की नहर से फरीदाबाद पानी लाने का प्लान ठंडे बस्ते में, फिलहाल पश्चिमी एरिया को नहीं मिलेगा भरपूर वॉटर

गुरुग्राम की नहर से फरीदाबाद पानी लाने का प्लान ठंडे बस्ते में, फिलहाल पश्चिमी एरिया को नहीं मिलेगा भरपूर वॉटर

फरीदाबाद: अधिकारी किस तरह कार्य योजना बनाते हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने शहर के पश्चिमी हिस्से में पानी की आपूर्ति के लिए जो प्लान तैयार किया था वह अब ठंडे बस्ते में चला गया। दरअसल, पिछले साल फरीदाबाद मेट्रोपॉलिटन डिवलेपमेंट अथॉरिटी (FMDA), नगर निगम और सिंचाई विभाग ने योजना तैयार की थी कि मुनक नहर का पानी गुड़गांव में आता है। गुड़गांव के चंदू वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में नहर का पानी ट्रीट कर शहर में पहुंचाया जाता है। इसलिए वहां से 200 MLD पानी पाइपलाइन के माध्यम से फरीदाबाद के पाली इलाके में लाया जाएगा, जहां वॉटर बूस्टर बनाया जाता, जहां पर हर रोज 200 MLD (मिलियन लीटर पर डे पानी स्टोर किया जाता। यहां से NIT व बड़खल विधानसभा में पानी सप्लाई किया जाता। इस योजना पर सर्वे भी करा लिया गया था, लेकिन अब इसकी फाइल ही बंद कर दी गई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना को बंद इसलिए कर दिया गया, क्योंकि गुड़गांव में ही नहरी पानी से पूर्ति नहीं हो पा रही है, इसलिए फरीदाबाद में पानी कैसे पहुंचाया जा सकता है?वैसे CM मनोहर लाल ने अधिकारियों को कहा है कि पानी के नए सोर्स तलाशें जिससे फरीदाबाद के पश्चिमी हिस्से तक पानी पहुंचाया जा सके। यमुना नदी पर रेनीवेल लगाने के अलावा अन्य उपाय भी तलाशने होंगे। वैसे सबसे ज्यादा पानी की समस्या इन्हीं क्षेत्रों की कॉलोनियों में होती है। फिलहाल इस वक्त एसजीएम नगर, संजय कॉलोनी, सेक्टर 55 के अलावा अन्य इलाकों में पानी की समस्या है।

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जरूरत 450 MLD की, पर सप्लाई 330 की

फरीदाबाद के भौगोलिक क्षेत्र को देखा जाए तो शहर में सबसे ज्यादा पानी पूर्वी हिस्से में है और सबसे कम पश्चिमी हिस्से में। इसका सबसे बड़ा कारण ये है कि शहर के पूर्वी हिस्से में यमुना नदी बहती है। यहां पर 22 रेनीवेल लगे हैं, जिसके जरिये रोज 220 MLD पानी की सप्लाई होती है। इसकी पाइपलाइन जब यमुना से चलती है तो पूर्वी हिस्से के तमाम कॉलोनियों व सेक्टरों को पानी की सप्लाई करते हुए नैशनल हाइवे पार करते हुए पश्चिमी हिस्से यानी की एनआईटी की तरफ बढ़ती है।

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NIT और बड़खल आखिरी में पड़ता है। इसलिए यहां पानी कम पहुंच पाता है, क्योंकि ज्यादातर पानी पूर्वी हिस्से में ही बंट जाता है। इसलिए NIT व बड़खल में हर साल पानी की किल्लत बनी रहती है। शहर में लगे 1700 ट्यूबवेल से 110 MLD पानी मिल पाता है। कुल 330 MLD पानी शहर को मिल रहा है, जबकि डिमांड 450 MLD की है।

गुड़गांव से नहरी पानी लाकर फरीदाबाद में सप्लाई करने के प्रोजेक्ट पर अब काम रुक गया है। पानी के दूसरे सोर्स तलाशने पर विचार हो रहा है।

ओमबीर, SE, नगर निगम

आज भी तीन दिन में एक बार आता है पानी

वैसे तो FMDA दावा करता है कि उसने पानी की सप्लाई बढ़ा दी है, लेकिन आज भी NIT और बड़खल विधानसभा में पानी की किल्ल्त बरकरार है। सेक्टर-25 जलघर से पानी सेक्टर-55, 22,23, संजय कॉलोनी, प्रतापगढ़, जीवन नगर, राजीव कॉलोनी तक जाता है, लेकिन इस बूस्टर में पानी इतना कम आता है कि सभी इलाकों में 3 दिन बाद पानी की सप्लाई होती है। ऐसे में कुछ लोग ट्यूबवेल का खारा पानी इस्तेमाल करने को मजबूर है, जिससे बीमारियां होती हैं तो कुछ लोग प्राइवेट टैंकर मंगवा कर काम चलाते हैं। एसजीएम नगर और सैनिक कॉलोनी में यही हाल है।

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नए रेनीवेल जोर दे रहा प्रशासन

FMDA शहर में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए 12 नए रेनीवेल लगाने की दिशा में काम शुरू कर चुका है। इसमें पहले चरण में 3 ट्यूबवेल मोठूका में लगाए जा रहे हैं। यहां पानी के सैंपल लिए जा रहे हैं, ताकि पता चले कि किस जगह रेनीवेल लगाया जा सकता है। मोठूका में 3 नए रेनीवेल लगाने से हर रोज 30 MLD पानी की सप्लाई लाइन नंबर 1 और दो में बढ़ जाएगी। इससे NIT इलाके के लोगों को पर्याप्त पानी मिल सकेगा।

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