कौन हैं जैक डोर्सी जिसपर फूटा हिंडनबर्ग का बम, एक झटके में स्वाहा हुए ₹800000 करोड़

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कौन हैं  जैक डोर्सी जिसपर फूटा हिंडनबर्ग का बम, एक झटके में स्वाहा हुए ₹800000 करोड़

कौन हैं जैक डोर्सी जिसपर फूटा हिंडनबर्ग का बम, एक झटके में स्वाहा हुए ₹800000 करोड़


नई दिल्ली: अमेरिकी शॉर्ट सेलिंग कंपनी हिंडनबर्ग (Hindenburg) एक बार फिर से हमलावर हो गया है। अमेरिकी रिसर्च फर्म ने इस बार भारतीय नहीं बल्कि अमेरिकी कारोबारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस बार हिंडनबर्ग के निशाने पर अडानी समूह (Adani Group) नहीं बल्कि अमेरिकी कारोबारी जैक डोर्सी (Jack Dorsey) हैं। हिंडनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट नें डोर्सी की पेमेंट कंपनी ब्लॉक इंक (Block Inc) पर गंभीर आरोप लगाया है। Block Inc. पर फ्रॉड करने, खाते में हेरफेर, सरकार की राहत का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगा है। हिंडनबर्ग के इस खुलासे के बाद ब्लॉक इंक को बड़ा झटका लगा। कंपनी के शेयर 20 फीसदी तक गिर गए। कंपनी तो चंद घंटों में 80 हजार करोड़ का झटका लगा।

​कौन हैं जैक डोर्सी​

हिंडनबर्ग रिसर्च ने अमेरिकी कारोबारी जैक डॉर्सी की पेमेंट फर्म ब्लॉक इंक पर फ्रॉड का आरोप लगाया। जैक माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर (Twitter) के को फाउंडर रहे हैं। उन्होंने 2015 से 2021 तक ट्विटर की कमान संभाली। साल 2021 में ट्विटर छोड़ने के बाद उन्होंने अपना नया प्लेटफॉर्म BlueSky लॉन्च किया। ब्लूस्काई ऐप उन्होंने ट्विटर को टक्कर देने के लिए उतारा था। इस ऐप के जरिए भी यूजर्स ट्विटर की तरह ही फॉलो कर सकते हैं। अपनी बातें रख सकते हैं। इसके बाद उन्होंने ब्लॉक पेश किया। उनके इस ऐप के जरिए कोरोनाकाल में 5.1 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन हुए। वहीं जैक की बात करें तो उनका जन्म साल 1976 में अमेरिका के सेंट लुइस में हुआ। उन्होंने अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। पढ़ाई छोड़कर उन्होंने प्रोग्रामर के तौर पर काम करना शुरू कर दिया।

शेयर धड़ाम, ​स्वाहा हो गए 80 हजार करोड़​

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हिंडनबर्ग के खुलासे के बाद ब्लॉक के शेयर 20 फीसदी से ज्यादा गिर गए। शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों में बिकवाली हावी होने के बाद चंद घंटों में ही कंपनी को 80 हजार करोड़ रुपये का झटका लगा। ब्लॉक इंक का मार्केट कैप 40 अरब डॉलर से नीचे गिर गया। । इस रिपोर्ट के एक दिन पहले तक ब्लॉक का मार्केट कैप 47 अरब डॉलर था, जो गिरकर 37 अरब डॉलर पर पहुंच गया। चंद घंटों में कंपनी को 10 अरब डॉलर का झटका लगा। हिंडनबर्ग के रिपोर्ट के बाद ब्लॉक इंक को 80 हजार करोड़ का झटका लगा है। कंपनी ने अपने यूजर्स की संख्या को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया औ

​पेमेंट प्लेटफॉर्म है ब्लॉक इंक​

​पेमेंट प्लेटफॉर्म है ब्लॉक इंक​

ब्लॉक इंक का कारोबार कोरोना महामारी के समय खूब बूस्ट हुआ था। इस दौरान इस कैश ऐप के जरिए हर महीने 5.1 करोड़ रुपये से अधिक का ट्रांजैक्शन हुआ। कैश ऐप ने मोटी कमाई की। अपनी रिपोर्ट में हिंडनबर्ग ने कहा कि कोरोना के वक्त सरकार की ओर से मिल रही राहतों का कंपनी ने गलत इस्तेमाल किया है।

हिंडनबर्ग का खुलासा

हिंडनबर्ग का खुलासा

हिंडनबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में ब्लॉक इंक को लेकर बड़े खुलासे किए है। रिपोर्ट में आरोप लगे हैं कि कंपनी ने सरकार और ग्राहक के खिलाफ फ्रॉड में मदद की है। कंपनी ने रेग्युलेशन को ताखपर रखकर यूजर बेस बनाया है। ब्लॉक इंक ने यूजर पैरामीटर को बढ़ा-चढ़ाकर निवेशकों को गुमराह किया। हिंडनबर्ग के कहा कि हमने दो साल तक इस कंपनी की जांच की। इसके बाद हमने पाया कि ब्लॉक ने डेमोग्राफिक्स का लाभ उठाया है। कंपनी ने निवेशकों को गुमराह किया और तथ्यों के साथ गुमराह किया है। कैश प्रोग्राम ऐप में कई खामियां है, जिसे छुपाया गया।

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