कृषि फीडर : 15 हजार आवेदन, 1140 बोरिंग तक ही पहुंची बिजली

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कृषि फीडर : 15 हजार आवेदन, 1140 बोरिंग तक ही पहुंची बिजली

-वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबद्ध योजना की हुई थी शुरुआत

-किसानों की बोरिंग को बिजली से जोड़ने के लिए शुरू हुई थी योजना

-महंगे डीजल की जगह सस्ती बिजली से सिंचाई की उम्मीदों पर पानी

आरा, युगेश्वर प्रसाद।

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भोजपुर के किसानों को कृषि कार्य के लिए सस्ती दर पर बिजली पहुंचाने के लिए शुरू की गई राज्य सरकार की अति महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री कृषि विद्युत संबंध योजना की धीमी गति ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। वर्ष 2019 के दिसंबर महीने में शुरू इस योजना के लिए बिजली कंपनी ने प्रखंडों में शिविर लगाकर खूब आवेदन बटोरे। उस दौरान किसानों को उम्मीद जगी कि अब महंगे डीजल की जगह सस्ती बिजली के सहारे उनकी खेती की नैया पार लग जाएगी। साथ ही घाटे की खेती मुनाफे में बदल जाएगी, परंतु विभाग की सुस्त चाल से किसानों के बीच निराश बढ़ने लगी है। राज्य सरकार की कृषि विद्युत फीडर योजना के तहत जिले भर से करीब 15 हजार किसानों के आवेदन पड़े। बिजली कंपनी ने पहले चरण में 710 निजी बोरिंग को बिजली से जोड़ने की योजना बनाई और काम शुरू किया। लक्ष्य के अनुरूप सभी बोरिंग तक बिजली पहुंच गई। दूसरे चरण में 518 बोरिंग को बिजली कनेक्शन देने की योजना बनाई गई। इसमें अभी काम चल रहा है। इस चरण में अब तक 430 बोरिंग तक बिजली पहुंची है। इस तरह दोनों चरणों में कुल 1140 किसानों की बोरिंग तक बिजली पहुंची है। इसमें अभी 88 बोरिंग तक बिजली पहुंचाई जानी है, जिसे अगले महीने तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस वर्ष शुरुआत में ही कमजोर मानसून के पड़ने के कारण जिले में सुखाड़ के हालात उत्पन्न हो गये हैं। न नहर में पानी मिल रहा है और न ही आसमां से बारिश हो रही है। इसके चलते खरीफ मौसम में धान की खेती और धान के बिचड़े बचाने के लिए किसान परेशान हैं। ऐसी स्थिति में यदि किसानों के आवेदन के अनुसार बोरिंग तक बिजली पहुंच जाती तो धान की खेती किसानों के लिए अपेक्षाकृत सुगम एवं आसान हो जाती। मौसम की प्रतिकूल स्थिति में महंगे डीजल की बदौलत खेती करना किसानों के बूते के बाहर की बात हो गई है।

आरडीएसएस से किसानों की बोरिंग तक पहुंचेगी बिजली

केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी आरडीएसएस ( पुनरोत्थान वितरण क्षेत्र योजना) लागू की गई है। इस योजना के तहत किसानों की बोरिंग तक कृषि फीडर के लिए बिजली पहुंचाई जाएगी। हालांकि यह योजना अभी जिले में लागू नहीं हुई है। आगामी नवंबर से दिसंबर तक इस योजना के तहत कृषि फीडर के लिए टेंडर होने की संभावना बिजली कंपनी की ओर से जताई गई है। योजना है कि अगले पांच वर्षों में यानी वर्ष 2025 से 26 तक किसानों की सभी बोरिंग को बिजली से जोड़ दिया जाएगा। इच्छुक किसी भी किसान की बोरिंग बिजली कनेक्शन से नहीं छूटेगी।

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कृषि फीडर के लिए प्राप्त 15 हजार आवेदनों में से 1140 बोरिंग तक बिजली का कनेक्शन पहुंचाया जा सका है। शेष आवेदनों से जुड़े बोरिंग का कनेक्शन केंद्र सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत बिजली का कनेक्शन पहुंचाया जाएगा। इस योजना की शुरुआत इस साल के नवंबर एवं दिसंबर महीने में होने की उम्मीद है। इस योजना के लागू हो जाने के बाद इच्छुक किसी भी किसान की बोरिंग बिजली कनेक्शन वंचित नहीं रह जायेगी।

अमरेंद्र कुमार

कार्यपालक अभियंता, प्रोजेक्ट,भोजपुर

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