कई शुभ संयोग में मनेगी नागपंचमी, जानें कौन-कौन से बन रहें योग, किस योग में क्या फायदा | Nag Panchami festival will be celebrated on 2nd August | Patrika News

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कई शुभ संयोग में मनेगी नागपंचमी, जानें कौन-कौन से बन रहें योग, किस योग में क्या फायदा | Nag Panchami festival will be celebrated on 2nd August | Patrika News

नाग पंचमी की पूजा का शुभ मुहूर्त मंगलवार को नागपंचमी (nag panchami) तिथि पूरे दिन और पूरे रात रहेगी। पंचमी तिथि सुबह 5.43 बजे से प्रारंभ होकर अगले दिन बुधवार शाम 5.43 बजे तक रहेगी। नागपंचमी के दिन नाग देवता की पूजा के लिए सबसे उत्तम समय सुबह 05.43 बजे से लेकर सुबह 08.25 बजे तक रहेगा। इस तरह नागपंचमी (nag panchami) के दिन लगभग पौने तीन घंटे पूजा का शुभ मुहूर्त रहेगा। पंचांग के अनुसार इस साल नाग पंचमी के दिन शिव योग और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र रहेगा जो कि अत्यंत ही शुभ है।

मंगला गौरी व्रत भी रखा जाएगा इस वर्ष नागपंचमी (nag panchami) पर विशेष संयोग बन रहा है। नागपंचमी (nag panchami) के दिन तीसरा मंगला गौरी व्रत रखा जाएगा। सावन मास में सोमवार व्रत के साथ ही मंगलवार व्रत का भी विशेष महत्व होता है। मंगलवार व्रत माता पार्वती को समर्पित माना गया है। सावन के हर मंगलवार को मंगला गौरी व्रत रखने का विधान है।

नागपंचमी का धार्मिक एवं ज्योतिषीय महत्व हिंदू धर्म में नाग देवता की पूजा सुख-समृद्धि और सौभाग्य प्रदान करने वाली मानी गई है। मान्यता है कि नागपंचमी (nag panchami) के दिन नाग देवता की पूजा करने पर व्यक्ति को शत्रुओं का भय नहीं रहता है और उसे अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि नाग देवता की पूजा से जहां व्यक्ति को जीवन में सर्पदंश का भय नहीं रहता है, वहीं कुंडली से जुड़ा कालसर्प दोष भी दूर होता है।

श्री सर्प सूक्त का पाठ लाभदायक अगर किसी जातक की कुंडली में कालसर्प (kalsarp) दोष है तो नाग पचंमी के त्योहार पर नागदेवता की पूजा करने और श्री सर्प सूक्त का पाठ बहुत ही लाभदायक माना गया है। नाग पंचमी के दिन चांदी के नाग-नागिन की पूजा की जाती है। इस पर्व पर प्रसिद्ध नाग मंदिर और शिव मंदिर में जाकर नाग देवता को दूध अर्पित कर परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की जाती है। नाग पंचमी के दिन घर पर गोबर या मिट्टी से नागदेवता की आकृति बनाकर विधि-विधान से पूजा की जाती है। ज्योतिष व वास्तु सलाहकार गिरीश व्यास ने बताया कि अगर किसी जातक की कुंडली में कालसर्प दोष है तो नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा करने पर यह दोष खत्म हो जाता है। कुंडली में कालसर्प दोष बहुत ही कष्टकारी होता है। इस दोष से ग्रसित व्यक्ति हमेशा कुंठाग्रस्त रहता है। जातक के जीवन में कई तरह की परेशानियां आती हैं। कुंडली में कालसर्प दोष दूर करने के लिए नाग पंचमी पर कई उपाय किए जाते हैं। कालसर्प दोष दूर करने के लिए श्री सर्प सूक्त का पाठ बहुत ही लाभदायक माना गया है।

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नागपंचमी पर कुम्हारखाड़ी में भव्य मेला लगेगा कुम्हारखाड़ी स्थित प्राचीन मंदिर पर नाग पंचमी के अवसर पर भव्यय मेला लगेगा। मंदिर समिति के अध्यक्ष रमेश पानवाले व मेला संयोजक महेश कश्यप ने बताया कि मंदिर परिसर में प्रात: से ही श्रद्धालुओं द्वारा शहर भर से आकर बड़ी संख्या में नागदेवता की पूजा, अभिषेक, महाआरती करेंगे, जो देर रात तक जारी रहेगी। श्रद्धालुओं द्वारा जो अभिषेक हेतु दूध भेंट किया जायेगा, उसका पंचामृत बनाकर श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में दिया जायेगा। इस अवसर पर युवा मंडल द्वारा श्रावण पर आधारित भजनों की प्रस्तुतियों के साथ डंडे खेल का आयोजन भी होगा।



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