एक शॉट और तमाम उम्मीदों ने दम तोड़ दिया! अब रोहित के इन फैसलों पर भी बहस होगी

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एक शॉट और तमाम उम्मीदों ने दम तोड़ दिया! अब रोहित के इन फैसलों पर भी बहस होगी


एक शॉट और तमाम उम्मीदों ने दम तोड़ दिया! अब रोहित के इन फैसलों पर भी बहस होगी

टेस्ट का वर्ल्ड कप जीतने के लिए 444 रन जैसे असंभव लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया ने जिस सकारात्मकता से साथ पारी की शुरुआत की, उससे ऐसा लगा कि कप्तान रोहित शर्मा ने खुद के कंधों पर जिम्मेदारी का बीड़ा उठा लिया था। शुभमन गिल के विवादास्पद तरीके से आउट होने के बावजूद कप्तान की बल्लेबाजी और उनके संयम पर तनिक भी असर नहीं पड़ता दिख रहा था। रोहित बल्लेबाजी ऐसे कह रहे थे जैसे वो पूरी तरह से नियंत्रण में हों।ऑस्ट्रेलिया के विविधतापूर्ण तेज गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ रोहित का डिफेंस उनके 2021 वाले इंग्लैंड दौरे की याद दिला रहा था तो हर कमजोर गेंद पर चौके वाला प्रहार उनके बेजोड़ स्ट्रोक-प्ले की झलक दिखला रहा था। जब ऐसा प्रतीत ही हो रहा था कि अब उस नामुमकिन लक्ष्य के बारे में वाकई सोचा जा सकता है तभी कप्तान रोहित ने स्वीप शॉट खेला, जिसे देखकर प्रेस-बॉक्स ही नहीं कॉमेंट्री बॉक्स में बैठे तमाम दिग्गज भौचक्के रह गए।

कप्तान ने अंपायर के फैसले को स्वीकारने में हिचकिचाहट दिखाई और रिव्यू के लिए गए, लेकिन मैदान में बैठे करीब 25 हजार दर्शकों को उससे पहले ही निराशाजनक बात का अहसास हो चुका था। रोहित ने एक बड़ी और मैच-जिताने वाली पारी की उम्मीद जगाई थी, लेकिन उनके एक शॉट ने अचानक से ही मैच में टीम इंडिया को बैकफुट पर धकेल दिया। आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए 5 बार ट्रॉफी जीतने वाले रोहित को देर से सही, लेकिन टीम इंडिया की कप्तानी इसलिए सौंपी गई ताकि वो आईसीसी ट्रॉफी के सूखे को खत्म कर सकें।

अगर रोहित शर्मा सीधे बल्ले से खेलते तो उन्हें शायद ही कोई ऐसी गेंद पर आउट कर पाता। यह वह भी जानते हैं, लेकिन उनसे अब गलती हो चुकी है।

हरभजन सिंह, पूर्व क्रिकेटर, कॉमेंटेटर

2022 टी वर्ल्ड कप में अगर चयनकर्ताओं और कोच ने सही टीम का चयन नहीं किया तो ओवल टेस्ट में भी कप्तान रोहित के फैसलों ने बहस को जगह दी। अगर टी20 वर्ल्ड कप में रविचंद्रन अश्विन और दिनेश कार्तिक की जगह नहीं बनती थी और जिद में ऋषभ पंत को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं दी गई तो WTC में भारतीय इतिहास के महानतम गेंदबाजों में से एक अश्विन को प्लेइंग इलेवन के लायक नहीं समझा गया।

रोहित ने भले ही ये तर्क दिए कि अश्विन को बाहर करने का फैसला बहुत कठिन था, लेकिन आईसीसी टेस्ट रैंकिंग के नंबर 1 गेंदबाज को नजरअंदाज करके उमेश यादव को टीम में शामिल करना कितना सही फैसला हो सकता है? पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने भी कॉमेंट्री के दौरान रोहित के इस फैसले पर हैरानी जताई। इस अजीब इत्तेफाक कहा जायेगा कि रोहित दूसरी पारी में जिस गेंदबाज का शिकार वो ऑस्ट्रेलियाई टीम के ऑफ स्पिनर नाथन लॉयन रहे, जिन्होंने अपने पहले ही ओवर में भारतीय कप्तान को पवेलियन की राह दिखाई।

भारत लक्ष्य के लिए आगे बढ़ रहा था, लेकिन रोहित और पुजारा के आउट होने के बाद मुश्किल है, लेकिन नामुमकिन नहीं। विराट और रहाणे में दम है। वह मैच में वापसी करा सकते हैं।

रवि शास्त्री, पूर्व कोच और कॉमेंटेटर

अगर टीम इंडिया मैच के पांचवें दिन हार जाती है तो कप्तान रोहित के टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने के फैसले पर भी हर कोई फिर से बहस करेगा। ये अलग बात है कि ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने भी टॉस हारने के बाद ये कहा था कि वो भी गेंदबाजी का ही फैसला लेते। टॉस के वक्त आसमान में कुछ देर के लिए छाए बादल को देखकर रोहित ने एक ऐसा फैसला लिया जो उनकी कप्तानी के दौर की एक बड़ी निराशा ना साबित हो।

अगर टीम इंडिया मैच असंभव तरीके से जीतती है तो इसे गाबा का ही तरह असाधारण जीत के तौर पर देखा जाएगा, लेकिन अगर हारती है तो वन-डे वर्ल्ड कप से ठीक पहले कप्तान रोहित पर दबाव बढ़ने का सिलसिला अगले कुछ महीनों में बढ़ता ही जाएगा।

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