एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने के पीछे किस नेता का दिमाग था? देवेंद्र फडणवीस ने बताई इनसाइड स्टोरी

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एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने के पीछे किस नेता का दिमाग था? देवेंद्र फडणवीस ने बताई इनसाइड स्टोरी

एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने के पीछे किस नेता का दिमाग था? देवेंद्र फडणवीस ने बताई इनसाइड स्टोरी

मुंबई: पिछले साल एकनाथ शिंदे ने शिवसेना से बगावत के बाद बीजेपी से हाथ मिला लिया था। इसके बाद एकनाथ शिंदे को बीजेपी ने सीधे मुख्यमंत्री पद से नवाजा। जबकि मुख्यमंत्री रह चुके देवेंद्र फडणवीस को उपमुख्यमंत्री बनाया गया। बीजेपी का यह कदम उस समय सियासी चर्चा का विषय बना था। एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री और फडणवीस को उपमुख्यमंत्री बनाकर बीजेपी ने एक तीर से दो निशाने साधे थे। उस वक्त चर्चा थी कि पार्टी ने फडणवीस के पर कतर दिए हैं और एकनाथ शिंदे को फडणवीस का विकल्प बनाया जा रहा है। आज भी दबी जुबान से ऐसी ही भविष्यवाणियां की जा रही हैं। लेकिन इस गेमप्लान के पीछे की अंदरूनी कहानी क्या थी? एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाने का प्रस्ताव किसने दिया? इस पर पहली बार देवेंद्र फडणवीस ने टिप्पणी की है। सत्ता परिवर्तन के खेल के दौरान जो कुछ हुआ उसके बारे में उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने चौंकाने वाली जानकारी दी है। इससे सियासी गलियारों में एक बार फिर हलचल मच गई है। देवेंद्र फडणवीस ने यह बात कार्यक्रम के दौरान कही।

क्या बोले फडणवीस?
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि मैंने तय कर लिया था कि मैं मुख्यमंत्री नहीं बनूंगा। मेरी एकनाथ शिंदे से बात हुई, जिसमें इस सरकार को बदलने के बारे में बात हुई। यह सरकार हमारी सोच के हिसाब से नहीं चल सकती। हम दोनों इस बात से सहमत थे कि वहां हिंदुओं और हिंदुत्व का दम घुट रहा है।’ तब मैंने मुद्दा उठाया कि एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनना चाहिए।’ मैं अपनी पार्टी के आला नेताओं से मिला उनसे कहा कि हमें एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाना चाहिए। हालांकि, मुझे अपनी पार्टी को यह बात समझाने में काफी समय लगा। मेरी पार्टी ने तुरंत मेरा प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया। एकनाथ शिंदे अगर इतना बड़ा कदम उठाएंगे तो उन्हें ही नेता बनना चाहिए। लेकिन क्या वह अपने लोगों में भरोसा पैदा कर पाएंगे? आखिरकार एकनाथ शिंदे को सीएम बनाने पर बन गई।

मैं प्रदेश अध्यक्ष बनना चाहता था
एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री पद के लिए प्रस्तावित करने के बाद मैंने अपनी पार्टी से साफ कह दिया था कि मैं सरकार में नहीं रहूंगा। मैं पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष बनूंगा या मुझे जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी, वह मैं निभाऊंगा। उन्होंने पार्टी से कहा कि दो साल कड़ी मेहनत करके के पार्टी नंबर पर पहुंचाउंगा। फडणवीस ने दावा किया कि सब कुछ इसी तरह तय हुआ था।

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राज्यपाल ने कहा ये क्या है?
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जब हम राज्यपाल को सरकार बनाने के लिए पत्र देने गये थे। तब मैं नहीं बल्कि एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बनेंगे। यह बात मैंने सिर्फ चार लोगों को बताई थी। राज्यपाल के पास जाने से पहले तक यह बात मैं, एकनाथ शिंदे और हमारे तीन वरिष्ठ नेता ही जानते थे। जब राज्यपाल को पत्र दिया गया तो राज्यपाल भी आश्चर्यचकित रह गए। मैंने उनसे कहा कि यही तय हुआ है। बाद में मैंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री के तौर पर एकनाथ शिंदे के नाम की घोषणा की। तब मेरे चेहरे पर चिंता या दुःख नहीं दिखा बल्कि मेरे चेहरे पर विजय का भाव था। मुझे अपनी जीत की ख़ुशी थी लेकिन वह ज्यादा समय तक टिक न सकी।

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यह मेरे लिए एक सदमा था
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जब मैं घर आया तो मेरे नेताओं ने कहा कि आप उपमुख्यमंत्री बनना है। यह मेरे लिए एक सदमा था। मुझे मुख्यमंत्री से उपमुख्यमंत्री बनने का दुख नहीं था। निचले पद पर काम करना पड़ेगा इसका भी दुःख नहीं था। पार्टी कहेगी तो चपरासी बन जाऊंगा। चिंता यह थी कि लोग क्या कहेंगे कि यह सत्ता हासिल करने के लिए कुछ भी कर रहा है। कल तक जो मुख्यमंत्री थे अब वह सत्ता के लिए उपमुख्यमंत्री बन गए। लेकिन मेरे नेताओं ने जो नैरेटिव तैयार किया उससे मेरा कद बढ़ गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, जिसके बाद लोगों का भ्रम दूर हो गया।

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