उदयपुर की घटना के बाद क्‍या बढ़ेंगी मोहम्‍मद जुबैर की मुश्किलें?

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उदयपुर की घटना के बाद क्‍या बढ़ेंगी मोहम्‍मद जुबैर की मुश्किलें?

Mohammad Zubair News: दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर (Mohammad Zubair) की रिमांड चार और दिन के लिए बढ़ा दी। 2018 में माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर पर उनके एक ट्वीट के सिलसिले में दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने इसकी इजाजत मांगी थी। पत्रकार जुबैर पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप है। यह संयोग ही है कि जिस दिन जुबैर की हिरासत बढ़ी है, उसी दिन उदयपुर (Udaipur) में सनसनीखेज वारदात हुई है। राजस्‍थान के इस शहर में 2 हमलावरों ने दिन-दहाड़े कन्‍हैयालाल (Kanhaiya Lal Murder) नाम के एक टेलर की गला रेतकर हत्‍या कर दी। बताया जाता है क‍ि कन्‍हैयालाल के बेटे ने पूर्व बीजेपी प्रवक्‍ता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) के समर्थन में एक पोस्‍ट किया था।

आगे जुबैर की मुश्किलें इसलिए बढ़ सकती हैं क्‍योंकि दिल्‍ली पुलिस के पास कुछ ऐसे साक्ष्‍य हैं जो उनकी रिहाई की राह में रोड़ा बनेंगे। दिल्‍ली पुलिस ने कहा है कि उसके पास इस बात के सबूत हैं कि पिछले तीन महीनों में ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक जुबैर के बैंक खाते में 50 लाख रुपये आए हैं। पुलिस इस धन के स्रोत की जांच कर रही है। जुबैर को पुलिस बुधवार को बेंगलुरु ले जा सकती है।

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अदालत के समक्ष दिल्ली पुलिस ने आरोपी फैक्ट-चेकर की पांच दिन की हिरासत के लिए काफी तर्क दिया। प्राथमिकी में कहा गया है कि इस तरह के पोस्ट का प्रसारण और प्रकाशन जानबूझकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से एक समुदाय विशेष की धार्मिक भावनाओं का अपमान करने की मंशा से शांति भंग करने के इरादे से किया गया है।

जुबैर को दिल्ली पुलिस की हिरासत में 4 दिन के लिए और देना दिखाता है कि कोर्ट इस मामले को लेकर सख्‍त है। उदयपुर में जिस तरह की घटना हुई है, उसमें हिंसा और शांति भंग करने के मामलों में कोर्ट और कड़ाई से पेश आ सकती है।

33 साल के जुबैर को दिल्ली पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट में मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट स्निग्धा सरवरिया के समक्ष पेश किया। जुबैर पर भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए (धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देना) और 295 ए (जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य, किसी भी वर्ग के धर्म या धार्मिक का अपमान करके धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना) के तहत मामला दर्ज है।

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गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कहा कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं। प्राथमिकी के अनुसार, आरोपी जुबैर ने एक पुरानी हिंदी फिल्म के स्क्रीनग्रैब का इस्तेमाल किया था, जिसमें एक होटल की तस्वीर दिखाई दे रही थी। उसके बोर्ड पर ‘हनीमून होटल’ के बजाय ‘हनुमान होटल’ लिखा हुआ था। जुबैर ने अपने ट्वीट में लिखा था, ‘2014 से पहले: हनीमून होटल। 2014 के बाद: हनुमान होटल।’

शिकायतकर्ता ने दिल्ली पुलिस को टैग करते हुए लिखा था, ‘हमारे भगवान हनुमान जी को हनीमून से जोड़ना हिंदुओं का सीधा अपमान है क्योंकि वह ब्रह्मचारी हैं। कृपया इसके खिलाफ कार्रवाई करें।’ सुनवाई के दौरान जुबैर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर पेश हुईं। कहा कि विवादित छवि हिंदी सिनेमा से आती है और कई अन्य लोगों की ओर से साझा की गई है।

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