उड़ानों पर पड़ रही मौसम की मार

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उड़ानों पर पड़ रही मौसम की मार

दरभंगा। दरभंगा एयरपोर्ट पर घना कुहासा छाये रहने के कारण विमान सेवा पर मौसम की मार पड़ने लगी है। कम समय में ही यात्रियों की संख्या में पूर्वी क्षेत्र के कई एयरपोर्ट को पीछे छोड़ने के बावजूद दरभंगा एयरपोर्ट कई सुविधाओं के लिए तरस रहा है। दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद खराब मौसम में विमानों के सकुशल लैंडिंग के लिए इंट्रूमेंटल लैंडिंग सिस्टम (आईएलएस) लगाने का काम पूरा नहीं किया जा सका है। दरभंगा एयरपोर्ट पर कोहरा छाने के पहले ही दिन रविवार को मुंबई से पहुंचने वाली फ्लाइट को लैंड नहीं कराया जा सका। एयरपोर्ट के कई चक्कर काटने के बाद फ्लाइट को अंतत: पटना डायवर्ट करना पड़ा। वहां से फिर बस से यात्रियों को दरभंगा भेजा गया। इस वजह से यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। हाल ऐसा है कि कोहरे की वजह से फ्लाइट को ऐन मौके पर कैंसिल कर दिए जाने की आशंका में कई यात्री दरभंगा एयरपोर्ट से यात्रा शुरू करने में हिचकने लगे हैं। बता दें कि पिछले वर्ष भी लो विजिबिलिटी के कारण यहां उड़ानों की आवाजाही पर असर पड़ा था। घने कोहरे के कारण विमानों को पूरा शेड्यूल चरमरा गया था। आए दिन विभिन्न उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ रहा था। विपरीत मौसम के कारण कई उड़ानों के रद्द होने से यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी थी। दरभंगा एयरपोर्ट को कई जिलों के यात्रियों का प्यार मिलने के बावजूद उसके प्रति की जा रही उपेक्षा लोगों की समझ से परे है। पूर्व में कहा गया था कि एयरपोर्ट पर आईएलएस लगाने का काम जल्द पूरा कर दिया जाएगा। लेकिन घोषणा के बावजूद काम पूरा नहीं होने पर यात्री सवाल करने लगे हैं कि इतना रेवेन्यू देने वाले एयरपोर्ट को सुविधाओं से कब तक महरूम रखा जाएगा। आईएलएस के अभाव में कब तक उन्हें अनिश्चिताओं के बीच यात्रा करनी पड़ेगी। अब खराब मौसम के कारण यात्रियों की संख्या और विमानों की आवाजाही दोनों पर ब्रेक लगने की आशंका बढ़ती जा रही है। वहीं दूसरी ओर एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण की कवायद भी मंथर गति से चल रही है। टर्मिनल में जगह की कमी की वजह से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है। शहर के लक्ष्मीसागर के जितेंद्र झा ने कहा कि इतना अधिक राजस्व देने के बाद भी दरभंगा एयरपोर्ट पर सुविधाओं का अभाव समझ से परे है। अललपट्टी के मनोज कुमार ने कहा कि दो साल में भी दरभंगा एयरपोर्ट में आवश्यक उपकरण नहीं लगाया जाना इसके प्रति उपेक्षा को दर्शाता है।

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