आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना के तहत कर्ज गुंजाइश बढ़ने से कोष की कमी दूर होगी: उद्योग

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आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना के तहत कर्ज गुंजाइश बढ़ने से कोष की कमी दूर होगी: उद्योग

नयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) उद्योग मंडलों ने बुधवार को कहा कि सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों की मदद के लिये 4.5 लाख करोड़ रुपये की आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत कर्ज लेने की गुंजाइश बढ़ाये जाने से कोष की कमी दूर होगी और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।

कपड़ा निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी) के चेयरमैन ए शक्तिवेल ने कहा कि इस निर्णय से चालू वित्त वर्ष के लिये 400 अरब डॉलर के निर्यात लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘महामारी की दूसरी लहर का काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। वैश्विक ऑर्डर थे लेकिन हम महामारी की रोकथाम के लिये लगायी गयी पाबंदियों के कारण उसे पूरा करने की स्थिति में नहीं थे। ईसीएलजीएस की समयसीमा बढ़ाये जाने से निर्यातकों पर सकारात्मक असर होगा क्योंकि हम त्योहारों के दौरान निर्यात ऑर्डर को पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि यह समय पर उठाया गया कदम है क्योंकि अभी भी कई निर्यातक कोष की कमी से जूझ रहे हैं।

वित्त मंत्रालय ने बुधवार को कोविड-19 महामारी के कारण नकदी की समस्या से जूझ रहे सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों की मदद के लिये 4.5 लाख करोड़ रुपये की आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत कर्ज लेने की गुंजाइश को बढ़ा दिया है।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि योजना की अवधि और छह महीने यानी 31 मार्च, 2022 तक के लिये बढ़ा दी गयी है।

भारतीय निर्यात संगठनों का महासंघ (फियो) के अध्यक्ष की भी जिम्मेदारी संभाल रहे शक्तिवेल ने कहा कि इस निर्णय से नकदी की तंग स्थिति बेहतर होगी।

एसोसएिशन ऑफ इन्सपायरिंग सिंडिकेट ऑफ एन्ट्रेप्रेन्योर्स के चेयरमैन योगेश पवार ने कहा कि योजना के तहत बैंकों की तरफ से कर्ज वितरण की गति धीमी है। सरकार एमएसएमई के लिये लक्षित राशि को पूरा करने में नाकाम रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘संभवत: योजना की की अवधि मार्च, 2022 तक बढ़ाने का यह मुख्य कारण है। इसमें कोई संदेह नहीं कि योजना कोविड अवधि के दौरान कार्यशील पूंजी की कमी और कच्चे माल की कीमत में वृद्धि से जूझ रहे एमएसएमई के लिये वरदान साबित हुई है।’’

उन्होंने समय पर कर्ज वितरण के लिये निगरानी व्यवस्था पर जोर दिया।

शक्तिवेल ने पांच साल की अवधि के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र की कर्ज बीमा प्रदाता ईसीजीसी लि. में 4,400 करोड़ रुपये की पूंजी डालने के सरकार के निर्णय की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह समय पर उठाया गया उपयुक्त कदम है क्योंकि वैश्विक व्यापार में अनिश्चिता और नकदी की समस्या बढ़ने के साथ निर्यातकों के लिये चूक के मामले बढ़ रहे हैं।

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