अस्तित्व में नहीं आई विशेष सेल | nagar nigam | Patrika News

18
अस्तित्व में नहीं आई विशेष सेल | nagar nigam | Patrika News

अस्तित्व में नहीं आई विशेष सेल | nagar nigam | Patrika News


इंदौरPublished: Feb 02, 2023 07:45:44 pm

नगर निगम लगातार दावे करता रहा है। बीते दिनों इनके विकास के लिए निगम ने अलग से सेल बनाया था, जिसमें इनके विकास की योजना तैयार की जानी थी।

अस्तित्व में नहीं आई विशेष सेल

इंदौर. 2015 में शहर में शामिल हुए 29 गांवों के विकास के लिए नगर निगम लगातार दावे करता रहा है। बीते दिनों इनके विकास के लिए निगम ने अलग से सेल बनाया था, जिसमें इनके विकास की योजना तैयार की जानी थी। 6 दिसंबर को निगम परिषद की बैठक में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस सेल में अफसरों के साथ ही शहर के विषय विशेषज्ञों को भी शामिल करने की बात कही थी। लेकिन इस घोषणा को डेढ़ माह से भी ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक यह सेल अस्तित्व में नहीं आ पाया है।
निगमायुक्त प्रतिभा पाल के हस्ताक्षर से नवंबर में 29 गांवों में विकास के लिए अलग से कमेटी बनाने के आदेश जारी किए गए थे। इसमें अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर को अध्यक्ष बनाया गया था। निगम जनकार्य विभाग अधीक्षण यंत्री अशोक राठौर, विद्युत विभाग के सिटी इंजीनियर राकेश अंखड, कार्यपालन यंत्री जितेंद्र जमींदार, जलप्रदाय विभाग के कार्यपालन यंत्री संजीव श्रीवास्तव, ड्रेनेज विभाग के प्रभारी सहायक यंत्री सुनील गुप्ता, उपयंत्री पराग अग्रवाल (सदस्य सचिव) बनाया गाय था। इन्हें लोगों की सुविधा को ²ष्टिगत रखते हुए पेयजल, सडक़ निर्माण, ड्रेनेज, सीवर और स्ट्रीट लाइट संबंधित काम करने की जिम्मेदारी सौंपी है। समिति को प्राथमिकता निर्धारित कर काम करने के आदेश जारी किए गए थे। अफसरों की हर सप्ताह इसको लेकर बैठक होनी थी। लेकिन, महापौर ने 29 गांव के साथ बिजलपुर को शामिल करते हुए विकास की बात कही थी। इसके लिए कमेटी को और विस्तारित करते हुए इसमें विषय विशेषज्ञों को शामिल करते हुए पूरा सेल बनाने की घोषणा की गई थी। महापौर ने उस समय तर्क दिया था कि चूंकी आने वाले समय में ये ही शहर की मुख्य बसाहट वाले क्षेत्र होंगे ऐसे में हमें इन क्षेत्रों को इस तरह से विकसीत करना होगा।
रोज आती हैं शिकायतें
29 गांवों को 2015 में शहर में शामिल किए जाने के बाद में भी इनके विकास के लिए अलग से कमेटी बनाने की बात कही गई थी। समय भी कमेटी नहीं बनी थी। यही नहीं इन गांवों के 145 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को बाकी शहर की सुविधाओं से जोडऩे के लिए भी करोड़ों रुपए हर साल बजट में रखे जाते थे। लेकिन उसके बाद में भी अभी भी हालत ये है कि नगर निगम को लगातार इन क्षेत्रों से पानी, स्ट्रीट लाइट, सीवरेज की सबसे ज्यादा शिकायतें मिल रही हैं।
& हम लगातार काम कर रहे हैं। हमारे अफसर गांवों का दौरा करने के साथ ही उनकी समस्याओं के निराकरण को भी प्राथमिकता पर ले रहे हैं।
अभय राजनगांवकर, अपर आयुक्त, नगर निगम

उमध्यप्रदेश की और खबर देखने के लिए यहाँ क्लिक करे – Madhya Pradesh News