असुर 2 में और भी खतरनाक हुआ कली, जानिए कैसी है अरशद वारसी और बरुन सोबती की यह सीरीज

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असुर 2 में और भी खतरनाक हुआ कली, जानिए कैसी है अरशद वारसी और बरुन सोबती की यह सीरीज

असुर 2 में और भी खतरनाक हुआ कली, जानिए कैसी है अरशद वारसी और बरुन सोबती की यह सीरीज

अर्चिका खुराना

‘असुर 2’ वेब सीरीज की कहानी:

‘असुर 2’ की कहानी में वहीं से शुरू होती है, जहां पहला सीजन खत्म हुआ था। ‘असुर’ के आखिर में सीरियल किलर यानी शुभ जोशी को सजा हो जाती है और वह जेल चला जाता है। तब वह एक बच्चा था। लेकिन अब बड़ा हो चुका, और बदला लेने वापस लौटता है। लेकिन इस बार उसकी नफरत और बदले की आग और भी बढ़ चुकी है। शुभ जोशी खुद को कली मानता है। बचपन में ही जेल जाते समय उसने फैसला कर लिया था कि बड़ा होने पर वह दैत्य, राक्षस, दानव और असुर बनेगा। अब कली यानी शुभ जोशी का मकसद है कलयुग को फैलाना। वह यह कहकर जेल से भागे हुए अपने एक साथी की हत्या कर देता है कि जब व्यक्ति का कर्तव्य और उद्देश्य खत्म हो जाए, तो उसके शरीर और उद्देश्य का कोई महत्व नहीं रहता। इस सीन को देख एकदम रोंगटे खड़े हो जाते हैं।वह एक नए स्तर पर हत्याओं और अपराधों को अंजाम देता है, जिसे देख धनंजय राजपूत यानी अरशद वारसी के भी होश उड़ जाते हैं। लेकिन क्या धनंजय राजपूत और निखिल नायर (बरुन सोबती) इस सीरियल किलर को रोक पाएंगे? खासकर तब, जब दोनों ही हीरो अलग हो चुके हैं और उनके बीच काफी कड़वाहट भर चुकी है?

‘असुर 2’ वेब सीरीज का ट्रेलर:

‘असुर 2’ वेब सीरीज का रिव्यू:

‘असुर’ यानी पहले सीजन में अच्छाई और बुराई के बीच जो युद्ध छिड़ा हुआ था, वह अब दूसरे सीजन (असुर 2) में अपनी चरम सीमा पर है। शुभ जोशी एक सीरियल किलर है। लेकिन वह हर हत्या को इस तरह से अंजाम देता है कि पीछे एक सुराग नहीं छोड़ता। वह भारतीय पौराणिक कथाओं में बहुत विश्वास करता है। वह कहता है कि महायुद्ध निकट है। कलयुग को उसकी चरम सीमा तक पहुंचाने का समय निकट आ गया है। असुर अब फैसला कर लेता है कि वह पूरी दुनिया पर राज करेगा और कलयुग को फैलाएगा। लेकिन क्या सीबीआई और फॉरेंसिक एक्सपर्ट यानी धनंजय कपूर और निखिल नायर इस असुर को दबोचने में कामयाब होंगे?

पहला सीजन जब खत्म हुआ तो दर्शकों के मन में यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई था कि आखिर असली असुर यानी सीरियल किलर कौन है? उसका क्या होगा? दूसरे सीजन में इन सवालों के जवाब मिल जाते हैं। इस केस में काम करते हुए धनंजय राजपूत और निखिल नायर काफी कुछ सहन करते हैं। हर किरदार अपनी परेशानियों में घिरा है। आखिर असली सीरियल किलर है कौन? केसर भारद्वाज या शुभ जोशी? या फिर कोई और? इसी पर काम करते हुए जहां धनंजय राजपूत यानी डीजे फंस जाते हैं और नौकरी खो देते हैं, वहीं निखिल राय की बेटी की मौत हो जाती है।

बेटी की मौत के बाद पत्नी नैना, निखिल को तलाक देने का फैसला कर लेती है। निखिल बुरी तरह टूट जाता है और हर किसी से दूरी बना लेता है। दरअसल निखिल की बेटी का कोई मर्डर कर देता है। नैना बेटी के कातिलों को सजा दिलवाने के लिए धनंजय के पास जाती है। धनंजय सस्पेंड होने के बाद धर्मशाला के एक आश्रम में पहुंच जाता है। वहां उसे बहुत शांति मिलती है। लेकिन इस केस पर धनंजय और निखिल को एकजुट होना ही पड़ता है। दूसरी ओर कोर्ट केसर भारद्वाज के खिलाफ ‘असुर’ होने का कोई सबूत न मिलने के कारण जमानत पर रिहा कर देती है। तो क्या धनंजय और निखिल असुर को पकड़ पाने में कामयाब हो पाते हैं?

‘असुर 2’ में कलाकारों की एक्टिंग:

‘असुर 2’ को ओनी सेन ने डायरेक्ट किया है और यह दूसरा सीजन आपको सीट से बांधे रखने में कामयाब होता है। पहले सीजन के मुकाबले ‘असुर 2’ में और भी ज्यादा ट्विस्ट दिखाए गए हैं। पहले सीजन यानी ‘असुर’ में हमने देखा था कि शुभ जोशी कितनी बेहरमी से अपने पिता का खून कर देता है। लेकिन दूसरे सीजन में वह और भी खूंखार हो जाता है। हर एपिसोड की शुरुआत शुभ जोशी के अतीत और वर्तमान की उसकी यात्रा से शुरू होता है, जहां वह एक ही सवाल करता है- क्या हम बुरे पैदा हुए हैं या क्या हम एक कठिन परिस्थिति में मजबूर होने पर अपनी बुराई को बाहर निकालते हैं?

अरशद वारसी और बरुन सोबती की जोड़ी ने ‘असुर 2’ में समा बांध दिया है। धनंजय राजपूत के रोल में अरशद वारसी और फॉरेंसिक एक्सपर्ट के रोल में बरुन खूब जमे हैं। रिद्धी डोगरा, अनुप्रिया गोयनका और शुभ गिल के किरदार में विशेष बंसल छा गए हैं। ‘असुर 2’ के हर किरदार में साफ नजर आता है कि वह किस तरह अपने दिमाग और दिल के बीच एक युद्ध लड़ रहा है।