अब बंद होगी रेलवे अफसरों की विभागीय गुटबाजी, अब कहलाएंगे आइआरएमएस | Now departmental factionalism of railway officers will stop, now it wi | Patrika News

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अब बंद होगी रेलवे अफसरों की विभागीय गुटबाजी, अब कहलाएंगे आइआरएमएस | Now departmental factionalism of railway officers will stop, now it wi | Patrika News

मंत्रालय ने आठ सेवाओं को एक कैडर में किया मर्ज, नोटिफिकेशन जारी

 

जयपुर

Published: February 15, 2022 01:28:21 pm

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देवेंद्र सिंह राठौड़/ जयपुर. अब रेलवे के अफसर विभागीय गुटबाजी नहीं कर पाएंगे। इतना ही नहीं, इनकी नौकरशाही पर भी लगाम लगेगी। इससे उनके निर्णय लेने में भी तेजी आएगी। कारण कि रेल मंत्रालय ने भारतीय रेलवे की आठ सेवाओं को एकीकृत कर एक अलग से कैडर बना दिया है। इससे अब क्लास वन(ग्रुप ए या समूह क) के अफसर अब आइआरएमएस ही कहलाएंगे। दसअसल, वर्ष 2019 में केंद्र सरकार ने भारतीय रेलवे में अभियांत्रिकी, यातायात, यांत्रिक और विद्युत सहित विभिन्न विभागों के लिए मौजूदा आठ सेवाओं की जगह केवल एक संवर्ग भारतीय रेल सेवा बनाने का निर्णय लिया था। तत्कालीन रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इसको केबिनेट की बैठक में जरुरत बताई थी। उनका मत था कि इस फैसले के बाद अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ही सभी लोग विभाग से ऊपर सोचेंगे। इससे गुटबाजी भी खत्म होगी। इसलिए इंडियन रेलवे मैनेजमेंट सर्विस पर सबकी सहमति ली गई थीं। हालांकि अलग अलग सेवाओं के अफसरों में कैडर्स को मर्ज करने के फैसले से बैचेनी देखी जा रही थी। सामने आया कि, शुरुआत में कुछ अफसरों ने इसको लेकर आपत्ति भी जताई थी। उन्हें डर था कि इससे उनके प्रमोशन पर फर्क पड़ेगा। लेकिन बाद में विरोध थम गया। इसके बाद हाल हीं में गजट नोटिफिकेशन जारी कर इस फैसले पर मुहर लगा दी है। अब नई व्यवस्था के तहत भारतीय रेलवे में सिविल और इंजीनियर की बजाय भारतीय रेल प्रबंधन सेवा के माध्यम से ही समूह क केंद्रीय सेवा में सेवा का मौका मिलेगा।

jaipur

विरोध के डर से यों राहत इसको लेकर रेलवे मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि महाप्रबंधक के पदों को अपग्रेड कर ऊपरी ग्रेड दिया जाएगा। इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि पुरानी सेवाओं के योग्य अधिकारी को महाप्रबंधक का शीर्ष ग्रेड पद दिया जाए। कैबिनेट नोट में कहा गया है कि आईआरएमएस के अधिकारी ही रेलवे बोर्ड के चैयरमेन, कार्यकारी अधिकारी और कार्यकारी सदस्य बनने के योग्य होंगे।

मर्ज करने की यो जरुरत समझी रेलवे अधिकारियों ने बताया कि अर्थव्यवस्था में मजूबती मिले। निर्णय जल्दी हो सके और तर्क संगत निर्णय को बढ़ावा मिले। ऑर्गेनाइजेशन को मजूबती मिले। नौकरशाही पर लगाम लगे। अफसरों की विभागीय गुटबाजी भी खत्म हों।

इन विभागों को किया मर्ज संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के आइआरटीएस, आइआरएएस व आइआरपीएस और इंजीनियरिंग सेवा के आइआरएसइ, आइआरएसइइ, आइआरएसएमइ, आइआरएसएसइ व आइआरएसएस सहित सभी आठ सेवाओं को आइआरएमएस में मर्ज कर दिया है।

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