‘अपनी बात करिएगा की मेरी बात सुनिएगा’, अपने ही मंत्री पर क्यों भड़के बिहार के सीएम नीतीश कुमार?

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‘अपनी बात करिएगा की मेरी बात सुनिएगा’, अपने ही मंत्री पर क्यों भड़के बिहार के सीएम नीतीश कुमार?

‘अपनी बात करिएगा की मेरी बात सुनिएगा’, अपने ही मंत्री पर क्यों भड़के बिहार के सीएम नीतीश कुमार?

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अक्सर अपने अफसरों पर भड़क जाते हैं। खासकर जब किसी मीटिंग में कोई बात करने लगता है और नीतीश कुमार मौजूद हो तो उनकी नाराजगी बाहर निकल आती है। सोमवार को नीतीश कुमार ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगी को भी नहीं छोड़ा। एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम  के दौरान नीतीश कुमार अपने मंत्री पर भड़क गए। उनके निशाने पर चढ़े  मंत्री है सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री सुमित सिंह। मंच से ही मुख्यमंत्री ने कहा कि आप लोग आपस में अपने ही बात करिएगा कि मेरी बात भी सुनिएगा आपके विभाग के सेक्रेटरी साहब सुन रहे हैं लेकिन आप ध्यान नहीं दे रहे हैं यह बात ठीक नहीं है।

सोमवार की शाम को बिहार सरकार द्वारा सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर की बहाली के लिए नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम चल रहा था। इसमें नीतीश कुमार बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से नए बहाल हुए एसोसिएट प्रोफेसर लेक्चरर नियुक्ति पत्र का वितरण किया। मुख्यमंत्री जब अपना भाषण कर रहे थे उस दौरान मंच पर कुछ लोग बात कर रहे थे। आपस में बात करने वालों में मंत्री सुमित सुमित सिंह भी शामिल थे। अचानक मुख्यमंत्री का ध्यान उन पर पड़ गया और उन्होंने मंत्री की क्लास लगा दी।

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मंत्री सुमित सिंह पर निशाना साधते हुए  हुए नीतीश कुमार ने कहा कि अरे आपस में बात करिएगा कि सुनिएगा। आप तो आपस में बतिया रहे हैं। मंत्री जिसको बनाए वही बात नहीं सुन रहा है।बगले में बतियाते रहते हो। बात को समझिए और तेजी से काम करिए। आपके सेक्रेटरी साहब तो सुन रहे हैं। लेकिन आप नहीं ध्यान दीजिएगा?  सीएम ने यह भी कहा कि  आपके पिताजी कौन थे? वह हमारे दोस्त थे। हम लोगों के बीच बहुत अच्छा संबंध था। 

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नीतीश कुमार ने कहा कि डिप्टी सीएम बता रहे थे कि सब लोग कम उम्र के हैं लेकिन हम लोग तो 73 वाले हैं। और कम उम्र वाले बगल के ज्यादा उम्र वालों से से बतिया रहे हैं। उन्होंने नसीहत दी कि ध्यान से सुनिए। हम भी इंजीनियरिंग पढ़े हैं। जब देश में 5 मेडिकल कॉलेज थे तभी हमने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। लेकिन नौकरी नहीं की। हम शुरू से ही राजनीति कर रहे हैं ।

उन्होंने सुमित सिंह से कहा कि आपके विभाग का नाम बदल दिया जाएगा। अब इस विभाग का नया नाम होगा विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग। जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लेकर इसे अप्रूव कर दिया जाएगा। इसलिए तुरंत प्रस्ताव लाइए और इस काम को कराइए।  लेकिन आप तो अपनी बात बताते रहते हैं। मेरी बात सुनते नहीं हैं।

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